एक भारतवंशी ब्राह्मण का ब्रिटेन के प्रधानमंत्री होने की ज्योतिषीय कहानी !

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वे न्यूनतम अंशों की महादशा और अधिकतम अंशों की अंतर्दशा में प्रधानमंत्री बनें ! महादशा अंतर्दशा तथा प्रयान्तर तीनों मन्त्री पद पाने के राजयोग में सम्मिलित है । जो लोग चलित या के.पी का प्रयोग करते हैं उन्हें इसे एक्सप्लेन करने में निराशा हाथ लगेगी ।

विश्व राजनीति से संबंधित सभी सत्य भविष्यवाणियाँ बिना चलित या के.पी का प्रयोग करके ही की गई है ।

जो लोग आजकल नक्षत्रों पर खूब ज़ोर देते हैं उन्हें भी निराशा हाथ लगेगी । और कुछ लोग कहते हैं कि केतु भाग्य का नाश करता है उनके लिए बता दूं कि उनके 06 ग्रह केतु के नक्षत्र में 2 मंगल के तथा 2 सूर्य के नक्षत्र में है । अर्थात 1 भी ग्रह शुभ नक्षत्रों में नहीं है । उनकी कुण्डली का समय गलत हो सकता है पर उनका चेहरा सिंह लग्न का है ।

चेहरे को देखकर सिंह लग्न कन्फर्म करना यह गुरुकृपा से मैं यह कर लेता हूँ । शुक्र को छोड़ कर सारे ग्रह अग्नि तत्व राशियों में होना अपने आप मे जबरदस्त राजयोग है । 4 ग्रहों का सिंह राशि मे होना स्वयं में एक राजयोग है । सिंह और धनु राजपत्रित राशियाँ हैं । मन्त्री पद पाँचवे नवें चौथे या लग्न से ही मिलेगा न । कुण्डली खोलिए सब साफ साफ अंकित !


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