Nitish Kumar

बिहार के अलावा अन्य राज्यों के सिंहासन भी डोल सकते हैं

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कल ०९ अगस्त को नितीश कुमार हमेशा की तरह पलट कर लालू प्रसाद तेजस्वी यादव की राष्ट्रिय जनता दल से मिल गए ! कुछ उलट पुलट नहीं हुआ तो वे कभी भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं ! करीब २० दिन पहले मैंने भविष्यवाणी कर दी थी की कुछ बड़े बदलाव दिखेंगे और कुछ कुर्सियां हिलेंगी ! सोशल मीडिया पर वह पोस्ट अभी भी है ! आज १० अगस्त को मंगल वृष राशि में जाकर भारत के लग्न में बैठ जाएगा और जनता के सातवें भाव को देखेगा ! मंगल का यह गोचर जो मार्च तक रहेगा अशांति का कारक बनेगा ! शनि बृहस्पति पहले से ही वक्री हैं ! तो कुल मिलाकर शनि बृहस्पति मंगल मिलकर अशुभ अप्रिय घटनाओं को बल देंगे ! ध्यान रहे इस समय गोचर में अस्त व्यस्त वक्री शनि वक्री गुरु पर दृष्टि डाले हुए है !

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सातवें भाव में मंगल कल से उनके दशम भाव पर दृष्टि डालेगा लग्न को देखेगा और वाणी के द्वितीय भाव को देखेगा ! उनको जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा और अपनी वाणी से कुछ भी अप्रिय या विवादास्पद बोलने से बचना होगा ! इसके अलावा भारत की कुंडली में लग्न में आकर मंगल पुनः उत्पात के संकेत दे रहा है ! भारत अभी चन्द्रमा की दशा में चल रहा है ! अर्थात जनता के किसी न किसी वर्ग का विरोध सरकार को हमेशा सहना पड़ेगा !

नितीश कुमार की जो कुंडली मेरे पास है उसपर बहुत ज़्यादा विश्वास नहीं हैं मुझे ! पर प्राप्त कुंडली के अनुसार वे राहु की महादशा में केतु की अन्तर्दशा में चल रहे हैं ! केतु सात्विकता या विरक्ति मांगता है ! परन्तु उसके उलट वे राहु प्रवृत्ति के लोगों से जाकर मिल गए ! उन्हें इससे बचना चाहिए था ! क्योंकि यह प्रयोग उन्हें नाकों चने चबवा देगा ! छठें घर में नीच का चन्द्रमा हो और व्यक्ति की किसी से भी लम्बी अवधि के लिए दिल मिल जाए ये संभव नहीं है ! उनका उच्च का शुक्र ऐसी स्थिति में है जिससे व्यक्ति मानसिक तौर पर नारी की तरफ आकर्षित होता है ! नीच का चंद्र और बुरी तरह पीड़ित बुध उन्हें मानसिक तौर पर स्थिर नहीं होने दिया ! एक बार धोखा देने और खाने के लिए उन्हें तैयार रहना होगा ! कैसी भी किसकी भी सरकार बनें ५-५ ग्रह उन्हें तंग करने के लिए तैयार बैठे हैं !


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